
चक्रवात 'अर्नब' के कारण हुई भारी बारिश से मछलीपटनम में कई सड़कों पर जलजमाव हो गया है। खराब मौसम के बीच, एक बड़ा अस्थायी शेड सड़क पर गिर गया, जिससे यातायात बाधित हुआ और आने-जाने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
Cyclone Arnab: बंगाल की खाड़ी में उठा चक्रवाती तूफान 'अर्नब' गंभीर रूप ले चुका है। इस चक्रवात के असर से आंध्र प्रदेश के कोनासीमा जिले के अमलापुरम में तेज गति से हवा चल रही है, साथ ही भारी बारिश भी हो रही है। करीब 89 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है, जबकि कई ट्रेनें रद्द और स्कूल बंद किए गए हैं।
केंद्र सरकार ने तैयारियों की समीक्षा कर संबंधित एजेंसियों को अलर्ट रहने और बिजली-पानी जैसी जरूरी सेवाएं जल्द बहाल करने के निर्देश दिए हैं। आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, पुडुचेरी, पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार में तूफान के संभावित असर को देखते हुए सतर्कता बरतने को कहा गया है।
मौसम विभाग के अनुसार, तूफान के केंद्र में हवा की रफ्तार 125 से 135 किमी प्रति घंटा है, जो झोंकों के साथ 150 किमी प्रति घंटा तक पहुंच रही है। पिछले तीन घंटों में तूफान 3 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ा है। अनुमान है कि शुरुआत में धीमी गति से उत्तर-पश्चिम की तरफ बढ़ेगा और फिर उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर रुख करेगा।
चक्रवाती तूफान 'अर्णब' के चलते परिवहन व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई है। एहतियात के तौर पर विशाखापत्तनम और भुवनेश्वर आने-जाने वाली कई घरेलू उड़ानों (Flights) को रद्द या डायवर्ट कर दिया गया है। इसके अलावा तटीय आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा से गुजरने वाली कई महत्वपूर्ण ट्रेनों के संचालन को भी रोक दिया गया है या उनके रूट बदले गए हैं। रेलवे ने सुरक्षा के मद्देनजर वार रूम एक्टिव कर दिए हैं और पटरियों की लगातार निगरानी की जा रही है।
चक्रवात के उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने के कारण पड़ोसी राज्यों में भी इसका व्यापक असर देखने को मिल रहा है। एहतियात के तौर पर दक्षिणी ओडिशा के कई जिलों में स्कूल-कॉलेज बंद कर दिए गए हैं और संवेदनशील इलाकों से लोगों का रेस्क्यू किया गया है। मौसम विभाग ने झारखंड के कई जिलों (जैसे गढ़वा, पलामू, गुमला और सिंहभूम) में भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। राज्य प्रशासन ने भी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है। दक्षिणी बस्तर क्षेत्र (बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा) में भारी हवाओं और बारिश की आशंका को देखते हुए प्रशासनिक अमले को पूरी तरह मुस्तैद रहने के निर्देश दिए गए हैं।
मौसम विभाग का कहना है कि लैंडफॉल की प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी अगले 24 से 48 घंटों तक कई राज्यों में हवाओं की गति तेज बनी रहेगी और बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। नागरिकों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें और स्थानीय प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें।
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