
वैभव सूर्यवंशी को लेकर साउथ अफ्रीका के दिग्गज क्रिकेटर लांस क्लूजनर ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने वैभव को टीम इंडिया का अगला सुपरस्टार बताया है
Vaibhav Sooryavanshi : भारतीय क्रिकेट में इन दिनों सिर्फ एक ही नाम की चर्चा जोर-शोर से हो रही है. अब ये नाम किसी परिचय का मोहताज नहीं रहा है. क्योंकि भारत के 15 वर्षीय क्रिकेट वैभव सूर्यवंशी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी अपनी छाप छोड़ दी है. आज वैभव सूर्यवंशी के पास एक बार फिर से अपने नाम का डंका बजाने का मौका होगा. वैभव सूर्यवंशी इंडियन क्रिकेट टीम की ओर आज न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली पांच मैचों की टी20 सीरीज का तीसरा मुकाबले खेलने के लिए वेलिंगटन के हेनरी स्टेडियम में उतरेंगे, जहां उनके पास अपने आप को एक बार फिर से साबित करने का मौका होगा.
कोहली-रोहित के बाद भी जारी रहेगा भारतीय क्रिकेट का सफर
क्लूजनर ने कहा कि विराट कोहली और रोहित शर्मा जैसे दिग्गजों के कद को देखते हुए भारतीय क्रिकेट को अगली पीढ़ी के खिलाड़ियों को अपनाने से पीछे नहीं हटना चाहिए। उनके मुताबिक, क्रिकेट का इतिहास ऐसे खिलाड़ियों से भरा है, जिन्होंने अपने पूर्ववर्तियों की विरासत को आगे बढ़ाया और नए कीर्तिमान स्थापित किए।
गिल को बताया बल्लेबाजी का असली सुपरस्टार
क्लूजनर ने शुभमन गिल को बल्लेबाजी में असली सुपरस्टार बताते हुए कहा कि उनमें लंबे समय तक भारतीय टीम का नेतृत्व करने की क्षमता है। हालांकि, उनके मुताबिक गिल के सामने सबसे बड़ी चुनौती बल्लेबाज और कप्तान के रूप में अपनी भूमिकाओं को अलग-अलग रखना होगा। उन्होंने कहा कि सभी बेहतरीन कप्तान समय के साथ यह सीखते हैं कि व्यक्तिगत प्रदर्शन और नेतृत्व की जिम्मेदारियों के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए। क्लूजनर को भरोसा है कि गिल को इस प्रक्रिया में पर्याप्त मौके और सहयोग मिलेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि गिल आने वाले कई सालों तक साहस और बड़े लक्ष्य के साथ भारत के लिए खेलेंगे।
सूर्यवंशी को बताया भारत का अगला सुपरस्टार
क्लूजनर ने कहा कि कोहली और रोहित के संन्यास के बाद भारतीय क्रिकेट में प्रतिभा की कमी नहीं होगी। उन्होंने युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी का जिक्र करते हुए उन्हें अगली पीढ़ी का संभावित सुपरस्टार बताया। उन्होंने कहा कि हर टीम और देश अपने दिग्गज खिलाड़ियों के संन्यास को अलग-अलग तरीके से संभालता है। साउथ अफ्रीका ने भी अपने दौर में बड़े खिलाड़ियों को विदाई देते हुए ऐसे बदलावों का सामना किया है। क्लूजनर के मुताबिक, दिग्गजों के जाने से यह मान लेना सही नहीं है कि अब पहले जैसा कुछ नहीं रहेगा, क्योंकि सूर्यवंशी जैसे युवा खिलाड़ी भविष्य की उम्मीद जगाते हैं।
क्लूजनर का मानना है कि गिल को बल्लेबाजी और कप्तानी की जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाते हुए अपनी अलग नेतृत्व शैली विकसित करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कप्तानी लगातार सीखने की प्रक्रिया है और अनुभवी कप्तानों को भी समय-समय पर नई चीजें सीखनी पड़ती हैं। ऐसे में गिल को अपने वरिष्ठ खिलाड़ियों से मार्गदर्शन और टीम प्रबंधन से पर्याप्त समर्थन मिलना अहम होगा। क्लूजनर को उम्मीद है कि गिल धीरे-धीरे भारतीय क्रिकेट के अगले दौर की जिम्मेदारी संभालेंगे और टीम को आगे ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
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