
Stock Market Open: भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) ने आज यानी गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को शुरुआती कारोबार में मजबूती के साथ अपनी शुरुआत की। पिछले सत्र की सुस्ती और उतार-चढ़ाव क...
Stock Market Open: भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) ने आज यानी गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को शुरुआती कारोबार में मजबूती के साथ अपनी शुरुआत की। पिछले सत्र की सुस्ती और उतार-चढ़ाव के बाद आज बाजार के प्रमुख सूचकांक हरे निशान में कारोबार करते हुए नजर आए। शुरुआती घंटियों में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का सेंसेक्स (BSE Sensex) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी (NSE Nifty 50) दोनों ही मामूली बढ़त के साथ आगे बढ़े, जिसमें आईटी सेक्टर के शेयरों का प्रदर्शन सबसे आगे रहा।
कारोबार की शुरुआत में सेंसेक्स 200 अंकों से अधिक की मजबूती के साथ 73,450 के स्तर के आसपास कारोबार करता दिखा, जबकि एनएसई निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 22,750 के अहम मनोवैज्ञानिक स्तर से ऊपर अपनी स्थिति मजबूत बनाने में कामयाब रहा। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को स्थिर रखने के फैसलों और वैश्विक संकेतों के बीच निवेशकों ने शुरुआत में सतर्कता के साथ-साथ खरीदारी का रुख दिखाया है। हालांकि, कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों में उतार-चढ़ाव और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की बिकवाली के बावजूद घरेलू बाजार ने शुरुआती दबाव को पीछे छोड़ते हुए सकारात्मक शुरुआत की है।
आज के शुरुआती कारोबार में सबसे बड़ा आकर्षण आईटी सेक्टर (IT Sector) रहा। दिग्गज तकनीकी कंपनियों के शेयरों में निवेशकों की लिवाली देखने को मिली:
टीसीएस (TCS): टाटा कंसलटेंसी सर्विसेज के शेयरों में अच्छी खासी तेजी दर्ज की गई और यह शुरुआती टॉप गेनर्स में शामिल रहा।
इंफोसिस (Infosys): इंफोसिस के शेयरों में भी लिवाली का दौर देखा गया, जिससे बाजार को नीचे से मजबूत सपोर्ट मिला।
अन्य दिग्गज: इनके अलावा एचसीएल टेक्नोलॉजीज (HCL Tech) और टेक शेयरों में खरीदारी से बाजार का मूड सकारात्मक बना रहा।
विस्तृत बाजार (Broader Market) में भी मिला-जुला लेकिन सकारात्मक रुख देखने को मिला। बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज, मेटल और फार्मा सेक्टर के सूचकांक भी हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। हालांकि, ऑटो और रियल्टी सेक्टर के कुछ शेयरों में हल्की बिकवाली का दबाव भी महसूस किया गया। बाजार के जानकारों का कहना है कि आज के सत्र में निवेशकों की नजर कंपनियों के तिमाही नतीजों और वैश्विक आर्थिक आंकड़ों पर टिकी रहेगी।
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