
President's Rule: अमित शाह ने राष्ट्रपति मुर्मु से अचानक क्यों की मुलाकात? मणिपुर में राष्ट्रपति शासन और चुनाव टलने की अटकलें तेज।
Manipur: मणिपुर में लगातार जारी जातीय हिंसा के बीच केंद्र सरकार की चिंता बढ़ गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से अचानक मुलाकात के बाद राज्य में दोबारा राष्ट्रपति शासन लागू होने और 2027 के विधानसभा चुनाव टलने की अटकलें तेज हो गई हैं। हालांकि, राष्ट्रपति शासन लगाने या चुनाव टालने को लेकर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
मणिपुर में 306 लोगों की मौत, 60 हजार से ज्यादा विस्थापित
मणिपुर में मैतेई और कुकी-जो समुदायों के बीच जातीय संघर्ष मई 2023 से जारी है। राज्य विधानसभा में पेश आंकड़ों के मुताबिक, 31 अगस्त 2026 तक हिंसा में कम से कम 306 लोगों की मौत हो चुकी थी, जबकि 49 लोग लापता थे। इस संघर्ष के चलते 60 हजार से अधिक लोगों को अपने घर छोड़ने पड़े हैं।
इस हिंसा की शुरुआत 3 मई 2023 को पहाड़ी जिलों में आयोजित आदिवासी एकजुटता मार्च के बाद हुई थी। यह मार्च मैतेई समुदाय को अनुसूचित जनजाति (ST) का दर्जा देने की मांग के विरोध में निकाला गया था। इसके बाद मैतेई और कुकी-जो समुदायों के बीच संघर्ष ने गंभीर रूप ले लिया।
पहले भी लग चुका है राष्ट्रपति शासन
मणिपुर में राष्ट्रपति शासन का मामला नया नहीं है। पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद 13 फरवरी 2025 को राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाया गया था। इसके दौरान विधानसभा को निलंबित अवस्था में रखा गया। हालांकि, 4 फरवरी 2026 को राष्ट्रपति शासन समाप्त कर दिया गया और युमनाम खेमचंद सिंह के नेतृत्व में नई सरकार ने सत्ता संभाली।
अमित शाह और राष्ट्रपति मुर्मु की मुलाकात से बढ़ी चर्चा
28 अक्टूबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की। राष्ट्रपति भवन की आधिकारिक वेबसाइट ने इस मुलाकात की पुष्टि की है, लेकिन बैठक के एजेंडे का विस्तृत ब्योरा सार्वजनिक नहीं किया गया है। ऐसे में मणिपुर की मौजूदा स्थिति को लेकर इस मुलाकात के संभावित संबंधों पर चर्चा हो रही है।
हिंसा रोकने के लिए केंद्रीय बलों की तैनाती बढ़ी
मणिपुर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार ने अतिरिक्त केंद्रीय बल भेजने का फैसला किया है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, गृह मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में तैनात कोबरा कमांडो की एक और बटालियन तथा आईटीबीपी की पांच कंपनियों को मणिपुर भेजने की तैयारी की है। इससे पहले भी कोबरा बटालियन की कंपनियां राज्य में तैनात की गई थीं।
2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियां भी शुरू
मणिपुर में अगले साल फरवरी-मार्च में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। खास बात यह है कि हिंसा और सुरक्षा चुनौतियों के बावजूद चुनाव आयोग ने चुनावी तैयारियां शुरू कर दी हैं।
चुनाव आयोग के अधिकारियों ने 16 जिलों में चुनावी तैयारियों की समीक्षा की है। इसके अलावा मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय ने चुनाव प्रबंधन के लिए 11 नोडल अधिकारियों की नियुक्ति भी की है। इन अधिकारियों को कानून-व्यवस्था, सुरक्षा, चुनावी खर्च, परिवहन और साइबर सुरक्षा जैसी जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
फिलहाल राष्ट्रपति शासन दोबारा लागू करने या 2027 के विधानसभा चुनाव टालने को लेकर कोई आधिकारिक फैसला सामने नहीं आया है। ऐसे में आने वाले दिनों में केंद्र सरकार और चुनाव आयोग की ओर से उठाए जाने वाले कदमों पर सबकी नजर रहेगी।
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