
LEXQ Centre Inauguration: लखनऊ में LEXQ केंद्र का शुभारंभ, सीएम योगी बोले- AI पर नहीं, अपने विवेक पर करें भरोसा।
Lucknow: उत्तर प्रदेश में तकनीक, फॉरेंसिक विज्ञान और न्याय व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को बंथरा स्थित उत्तर प्रदेश राज्य फॉरेंसिक विज्ञान संस्थान में आयोजित टेकसंगम अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के दूसरे दिन LEXQ उत्कृष्टता केंद्र का उद्घाटन किया।
यह केंद्र क्वांटम फॉरेंसिक और विधिक अनुपालन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर केंद्रित है। इसके शुभारंभ को प्रदेश में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल और फॉरेंसिक विज्ञान की क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
कार्यक्रम की शुरुआत एक वृत्तचित्र के प्रदर्शन से हुई। इसके बाद मुख्यमंत्री ने तकनीक के बढ़ते प्रभाव, कृत्रिम बुद्धिमत्ता की उपयोगिता और इसके जिम्मेदार इस्तेमाल पर अपने विचार रखे।
'AI मददगार हो, निर्णायक नहीं'
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता के इस्तेमाल को लेकर स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा कि AI हमारे लिए मददगार हो सकती है, लेकिन उसे निर्णायक नहीं बनने देना चाहिए।
सीएम योगी के मुताबिक, तकनीक का उपयोग इंसानी विवेक के आधार पर होना चाहिए। मनुष्य को अपने निर्णय लेने की क्षमता बनाए रखनी चाहिए और पूरी तरह कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर निर्भर नहीं होना चाहिए। उन्होंने आगाह किया कि यदि इंसान हर काम के लिए AI पर निर्भर होने लगेगा, तो यही तकनीक भविष्य में संकट का कारण भी बन सकती है।
मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब प्रशासन, न्याय व्यवस्था, साइबर सुरक्षा और विभिन्न क्षेत्रों में AI का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है।
10 साल में बदला उत्तर प्रदेश का तकनीकी परिदृश्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज लखनऊ में बैठकर कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्वांटम तकनीक, साइबर फॉरेंसिक और डेटा संरक्षण जैसे विषयों पर अंतरराष्ट्रीय स्तर की चर्चा हो रही है। उन्होंने कहा कि करीब 10 वर्ष पहले उत्तर प्रदेश में इस तरह के आयोजन की कल्पना करना भी सपने जैसा था।
उन्होंने प्रदेश में तकनीकी विकास और संस्थागत क्षमताओं को मजबूत करने की दिशा में हुए बदलावों का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री के अनुसार, आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए संस्थानों को मजबूत करना और विशेषज्ञता विकसित करना आवश्यक है।
फॉरेंसिक विज्ञान संस्थान की स्थापना की चुनौती का किया जिक्र
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश राज्य फॉरेंसिक विज्ञान संस्थान की स्थापना से जुड़ी चुनौतियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जिस भूमि पर आज यह संस्थान स्थापित है, वह कभी भू-माफिया की गतिविधियों से प्रभावित थी।
मुख्यमंत्री ने इस उदाहरण के जरिए प्रदेश में संस्थागत विकास और व्यवस्था में आए बदलावों की चर्चा की। फॉरेंसिक विज्ञान संस्थान जैसे केंद्र आधुनिक जांच प्रणालियों, वैज्ञानिक साक्ष्यों और तकनीकी विशेषज्ञता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
AI, क्वांटम तकनीक और साइबर फॉरेंसिक पर जोर
टेकसंगम सम्मेलन में AI, क्वांटम तकनीक, साइबर फॉरेंसिक और डेटा संरक्षण जैसे विषयों पर चर्चा की गई। इन क्षेत्रों का महत्व डिजिटल युग में लगातार बढ़ रहा है। साइबर अपराधों की जांच, डिजिटल साक्ष्यों के विश्लेषण और संवेदनशील डेटा की सुरक्षा में आधुनिक तकनीकों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
LEXQ उत्कृष्टता केंद्र का शुभारंभ भी इसी व्यापक तकनीकी परिदृश्य से जुड़ा है। हालांकि, केंद्र की विशिष्ट परियोजनाओं, सुविधाओं और कार्ययोजना के विस्तृत विवरण की पुष्टि आधिकारिक जानकारी से की जानी चाहिए।
2030 तक 5 गीगावाट डेटा सेंटर क्षमता विकसित करने का लक्ष्य
कार्यक्रम से संबंधित उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश ने वर्ष 2030 तक 5 गीगावाट डेटा सेंटर क्षमता विकसित करने का लक्ष्य रखा है। यह लक्ष्य प्रदेश में डिजिटल बुनियादी ढांचे के विस्तार और डेटा आधारित सेवाओं की बढ़ती जरूरतों के संदर्भ में महत्वपूर्ण है।
कुल मिलाकर, LEXQ उत्कृष्टता केंद्र का उद्घाटन उत्तर प्रदेश में तकनीक और फॉरेंसिक विज्ञान के क्षेत्र में नई संभावनाओं की ओर संकेत करता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में यह स्पष्ट किया कि आधुनिक तकनीक का लाभ तभी प्रभावी होगा, जब उसका इस्तेमाल जिम्मेदारी के साथ और मानवीय विवेक को प्राथमिकता देते हुए किया जाए।
Loading related stories...