
यूपी चुनाव 2027 के लिए कांग्रेस ने सपा को 175 सीटों की सूची भेजी, 125 सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी; जल्द शुरू होगी सीट बंटवारे पर बातचीत।
Lucknow: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे की सुगबुगाहट तेज हो गई है। कांग्रेस ने गठबंधन की संभावनाओं के बीच अपनी चुनावी तैयारियां तेज कर दी हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कांग्रेस की ओर से समाजवादी पार्टी को करीब 175 विधानसभा सीटों की सूची भेजी गई है। वहीं, कांग्रेस गठबंधन में कम से कम 125 सीटों पर चुनाव लड़ने की इच्छुक बताई जा रही है। अब दोनों दलों के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर जल्द बातचीत शुरू होने की संभावना है।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने NDTV को बताया कि समाजवादी पार्टी को लगभग आधी सीटों की सूची भेजी गई है। इससे पहले सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने रामपुर दौरे के दौरान कहा था कि कांग्रेस की ओर से लंबी सूची आई है। उनके इस बयान के बाद दोनों दलों के बीच सीट बंटवारे को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
कांग्रेस ने सपा के सामने रखा 175 सीटों का प्रस्ताव
उत्तर प्रदेश में कांग्रेस और सपा के बीच गठबंधन को लेकर अभी औपचारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन दोनों दलों के बीच संभावित सीटों को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं। कांग्रेस प्रदेश की उन विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है, जहां उसे अपनी स्थिति मजबूत होने की उम्मीद है।
राजनीतिक चर्चाओं के मुताबिक, कांग्रेस ने करीब 175 सीटों की सूची तैयार कर सपा को भेजी है। हालांकि, सूची भेजे जाने का मतलब यह नहीं है कि कांग्रेस इन सभी सीटों पर चुनाव लड़ेगी। अंतिम फैसला दोनों दलों के बीच बातचीत और सहमति के आधार पर होने की संभावना है।
प्रियंका गांधी की बैठक में बनी रणनीति
19 अक्टूबर को प्रियंका गांधी ने उत्तर प्रदेश कांग्रेस के नेताओं के साथ बैठक की थी। इस बैठक में करीब 175 विधानसभा सीटों को लेकर चर्चा होने की जानकारी सामने आई थी। बताया जा रहा है कि कांग्रेस नेताओं ने संभावित सीटों और वहां पार्टी की चुनावी स्थिति पर मंथन किया।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, बैठक में राहुल गांधी की ओर से गठबंधन में कम से कम 125 सीटों पर चुनाव लड़ने की इच्छा का मुद्दा भी सामने आया। इसके बाद प्रदेश नेतृत्व ने संभावित सीटों की सूची तैयार कर सपा के साथ साझा की।
चार श्रेणियों में बांटी गईं संभावित सीटें
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, कांग्रेस ने संभावित विधानसभा सीटों को अलग-अलग श्रेणियों में रखा है। पहली श्रेणी में ऐसी सीटें बताई जा रही हैं, जिन पर पार्टी समझौता नहीं करना चाहती। दूसरी श्रेणी की सीटों पर बातचीत के जरिए बदलाव की गुंजाइश रखी गई है। तीसरी श्रेणी की सीटों पर अंतिम फैसला दोनों दलों के वरिष्ठ नेताओं के स्तर पर लिए जाने की बात कही गई है।
इस कवायद का उद्देश्य गठबंधन वार्ता के दौरान कांग्रेस की प्राथमिकताओं को स्पष्ट करना और सीटों को लेकर अपनी दावेदारी पेश करना है। हालांकि, सीटों के वर्गीकरण और अंतिम संख्या को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।
अखिलेश यादव के बयान के बाद बढ़ी सियासी हलचल
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कांग्रेस की ओर से लंबी सूची आने की बात कही थी। इसके बाद राजनीतिक गलियारों में सीट बंटवारे पर जल्द बातचीत शुरू होने की अटकलें तेज हो गई हैं।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि समाजवादी पार्टी कांग्रेस की 125 सीटों की संभावित मांग पर क्या रुख अपनाती है। दोनों दलों के बीच सीटों की संख्या, क्षेत्रीय समीकरण और चुनावी रणनीति पर सहमति बनना गठबंधन की दिशा तय करने में अहम होगा।
फिलहाल, कांग्रेस और सपा के बीच सीट बंटवारे को लेकर अंतिम समझौते की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। ऐसे में 175 सीटों की सूची और 125 सीटों पर चुनाव लड़ने की चर्चा को संभावित रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
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