
Lucknow: योगी सरकार के 22 बड़े फैसले, पौने दो लाख कर्मचारियों को कैशलेस इलाज; हाईकोर्ट अधिकारियों को 845 आवास
Yogi Cabinet Meeting: उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में 22 प्रस्तावों को मंजूरी दी। इन फैसलों में करीब पौने दो लाख शिक्षकों और कर्मचारियों को कैशलेस इलाज की सुविधा, उच्च न्यायालय के क्लास-1 और क्लास-2 अधिकारियों के लिए 845 आवास और मैनपुरी में सैनिक स्कूल के निर्माण के लिए निशुल्क जमीन देने का प्रस्ताव शामिल है। इसके अलावा पशुपालन को बढ़ावा देने, कंपनियों के मर्जर और डी-मर्जर के पंजीकरण तथा नावों और स्टीमर के संचालन को व्यवस्थित करने से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले भी लिए गए।
योगी कैबिनेट के 22 फैसलों से किन्हें मिलेगी राहत?
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले योगी सरकार के फैसलों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। कैबिनेट बैठक में कर्मचारियों, शिक्षकों, किसानों, पशुपालकों और परिवहन क्षेत्र से जुड़े प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। बैठक के बाद वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह, स्टाम्प एवं पंजीयन मंत्री रविंद्र जायसवाल और परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने अलग-अलग फैसलों की जानकारी दी।
इन फैसलों में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार, सरकारी अधिकारियों के लिए आवास और पशुपालन के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।
पौने दो लाख शिक्षकों और कर्मचारियों को कैशलेस इलाज
योगी कैबिनेट ने प्रदेश के करीब पौने दो लाख शिक्षकों और कर्मचारियों को कैशलेस इलाज की सुविधा देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इस फैसले से पात्र कर्मचारियों और शिक्षकों को इलाज के खर्च को लेकर राहत मिलने की उम्मीद है।
कैशलेस उपचार की सुविधा से संबंधित विस्तृत नियमों, पात्रता और लाभ लेने की प्रक्रिया की जानकारी आधिकारिक दिशा-निर्देशों के अनुसार स्पष्ट होगी।
हाईकोर्ट के अधिकारियों के लिए बनेंगे 845 आवास
कैबिनेट बैठक में उच्च न्यायालय के क्लास-1 और क्लास-2 अधिकारियों के लिए 845 आवास उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। इस फैसले का उद्देश्य संबंधित अधिकारियों के लिए आवासीय सुविधा उपलब्ध कराना है।
इसके अलावा मैनपुरी में सैनिक स्कूल के निर्माण के लिए निशुल्क जमीन देने के प्रस्ताव को भी स्वीकृति मिली है। इससे जिले में सैनिक स्कूल की स्थापना की दिशा में आगे की प्रक्रिया को गति मिलने की उम्मीद है।
पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए स्टेट लाइवस्टॉक मिशन
पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश देश में सबसे अधिक पशुधन वाला राज्य है। हालांकि, पशुपालन क्षेत्र में कम उत्पादन और बाजार व्यवस्था से जुड़ी चुनौतियां बनी हुई हैं। सरकार पशुपालन को किसानों की आय बढ़ाने का माध्यम बनाने पर जोर दे रही है।
स्टेट लाइवस्टॉक मिशन के तहत दूध उत्पादन बढ़ाने, पशुओं की नस्ल सुधारने और पशुपालकों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जाएगा। कृत्रिम गर्भाधान के माध्यम से बेहतर नस्ल विकसित करने पर भी जोर दिया जाएगा।
मंत्री के अनुसार, गरीब परिवारों को 100 मुर्गी के चूजे मुफ्त देने की व्यवस्था भी की जा रही है। इसके साथ ही गाय के बीमा प्रीमियम का 85 प्रतिशत हिस्सा सरकार और 15 प्रतिशत हिस्सा किसान वहन करेगा।
पशुपालन को प्रोत्साहित करने के लिए गाय पर 50 प्रतिशत सब्सिडी देने की व्यवस्था का भी उल्लेख किया गया। इन योजनाओं का उद्देश्य पशुपालकों की लागत कम करना और ग्रामीण क्षेत्रों में अतिरिक्त आय के अवसर बढ़ाना है।
कंपनियों के मर्जर और डी-मर्जर पर लगेगा 0.50 प्रतिशत स्टाम्प शुल्क
स्टाम्प एवं पंजीयन मंत्री रविंद्र जायसवाल ने बताया कि कंपनियों के विलय यानी मर्जर और विभाजन यानी डी-मर्जर के पंजीकरण के लिए पंजीयन विभाग में व्यवस्था की जाएगी।
प्रस्ताव के तहत कंपनी के शेयर मूल्य पर 0.50 प्रतिशत स्टाम्प शुल्क लगाने का प्रावधान किया गया है। अभी तक इस तरह के पंजीकरण को लेकर स्पष्ट व्यवस्था नहीं होने के कारण कंपनियों के विलय या विभाजन के दौरान उनकी पूरी वैल्यू पर टैक्स लगने की स्थिति बन सकती थी।
सरकार इस प्रस्ताव को विधानसभा से पारित कराने के बाद भारत सरकार को भेजेगी। इससे कंपनियों के मर्जर और डी-मर्जर से जुड़ी पंजीकरण प्रक्रिया में स्पष्टता आने की उम्मीद है।
नाव और स्टीमर के संचालन के लिए नए नियम
परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बताया कि कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश अंतर्देशीय जलयान नियमावली को मंजूरी दी है। इसके तहत प्रदेश में नाव, स्टीमर और अन्य जलयानों के संचालन तथा पंजीकरण के लिए नियम निर्धारित किए जाएंगे।
नियमावली में यांत्रिक और गैर-यांत्रिक जलयानों के पंजीकरण की व्यवस्था होगी। साथ ही, नावों की यात्री क्षमता के आधार पर अलग-अलग शुल्क तय किए जाएंगे।
गैर-यांत्रिक नाव के पंजीकरण के लिए 50 रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। इसके अलावा यात्रियों और नाविकों का बीमा कराने का प्रावधान भी शामिल होगा। इससे जल परिवहन से जुड़ी गतिविधियों को व्यवस्थित करने और सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
योगी सरकार के फैसलों का क्या होगा असर?
योगी कैबिनेट के इन फैसलों से प्रदेश के कर्मचारियों, शिक्षकों, पशुपालकों, कंपनियों और जल परिवहन से जुड़े लोगों को लाभ मिलने की संभावना है। कैशलेस इलाज की सुविधा कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण है, जबकि स्टेट लाइवस्टॉक मिशन पशुपालन को बढ़ावा देने और किसानों की आय बढ़ाने पर केंद्रित है।
वहीं, मैनपुरी में सैनिक स्कूल के लिए निशुल्क जमीन और उच्च न्यायालय के अधिकारियों के लिए 845 आवास की मंजूरी भी बैठक के प्रमुख फैसलों में शामिल रही। इन प्रस्तावों के क्रियान्वयन और संबंधित दिशा-निर्देश जारी होने के बाद योजनाओं की विस्तृत प्रक्रिया स्पष्ट होगी।
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