
सेंसेक्स करीब 700 टूट गया, जबकि निफ्टी 50 गिरकर 22,600 के नीचे पहुंच गया। दोनों बेंचमार्क इंडेक्स में करीब 1% की गिरावट से बीएसई में लिस्टेड कंपनियों के कुल मार्केट कैप में लगभग 5 लाख करोड़ रुपये की कमी आई
Stock Market Crash: भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार, 22 अक्टूबर को भारी बिकवाली देखने को मिली। सेंसेक्स-निफ्टी लाल हो गए। बीएसई-एनएसई पर स्टॉक्स हरे से ज्यादा लाल रंग में रंगे थे। सेंसेक्स करीब 700 टूट गया, जबकि निफ्टी 50 गिरकर 22,600 के नीचे पहुंच गया। बाजार में गिरावट के पीछे केवल कच्चे तेल की उछलती कीमतें ही नहीं, बल्कि एक्सपायरी से जुड़ी उठापटक और निवेशकों की सतर्कता प्रमुख वजहों में शामिल रही।
शुरुआती आंकड़े क्या कहते हैं?
बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 366.36 अंक यानी 0.50 फीसदी की गिरावट के साथ 73,343.33 के स्तर पर खुला. वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी भी 123.60 अंक यानी 0.54 फीसदी टूटकर 22,687.75 के स्तर पर खुला. बाजार के जानकारों का कहना है कि निफ्टी का 22,700 के मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे जाना आने वाले दिनों में और बड़ी गिरावट का संकेत दे सकता है.
गिरावट की 3 बड़ी वजहें
कच्चे तेल में उबाल: अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें एक बार फिर 110 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं. भारत अपनी जरूरत का 80 फीसदी से ज्यादा तेल आयात करता है, इसलिए महंगा क्रूड घरेलू महंगाई को बढ़ा सकता है.
एशियाई बाजारों में हड़कंप: आज सुबह से ही एशियाई बाजारों में भारी बिकवाली देखने को मिल रही है. जापान का निक्केई, हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग और दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 2 फीसदी तक टूट चुके हैं, जिसका सीधा असर भारतीय निवेशकों के सेंटिमेंट पर पड़ा है.
सेक्टर का हाल: कहां है नुकसान, कहां मुनाफा?
बाजार में चौतरफा कमजोरी का माहौल है. सबसे ज्यादा मार ऑटो, मेटल और हेल्थकेयर सेक्टर पर पड़ी है. निफ्टी ऑटो और निफ्टी मेटल इंडेक्स में करीब 1 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है. इसके अलावा एफएमसीजी, रियलिटी और सीमेंट शेयरों में भी मुनाफावसूली हावी है. हालांकि, तकनीकी शेयरों (IT) और फार्मा सेक्टर के चुनिंदा बड़े शेयरों में निचले स्तरों पर हल्की खरीदारी देखी जा रही है.
एक्सपर्ट्स की राय
बाजार विश्लेषकों के मुताबिक, पिछले कुछ महीनों से मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों में जरूरत से ज्यादा तेजी देखी जा रही थी, जबकि उनकी कमाई उस रफ्तार से नहीं बढ़ी. अब बाजार में एक बड़ा सुधार (करेक्शन) आ रहा है. निवेशकों को इस समय छोटे शेयरों से बचकर मजबूत फंडामेंटल वाले बड़े और भरोसेमंद शेयरों में निवेश करने की सलाह दी जा रही है. तकनीकी तौर पर अगर निफ्टी 22,590 का सपोर्ट लेवल तोड़ता है, तो गिरावट और गहरी हो सकती है.
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