
ओखला पुलिस की कार्रवाई में 1.383 किलो स्मैक बरामद, जांच की कड़ियां हरियाणा के फरीदाबाद तक पहुंचीं।
Delhi NCR: दिल्ली में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ दक्षिण-पूर्वी जिला पुलिस ने व्यापक कार्रवाई की है। पुलिस ने तस्करी नेटवर्क से जुड़ी कथित अवैध कमाई में से 3.72 करोड़ रुपये फ्रीज कराने के आदेश हासिल किए हैं। इस मामले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और कुल 1.383 किलोग्राम स्मैक बरामद की गई है। जांच के दौरान इस नेटवर्क के तार हरियाणा के फरीदाबाद तक जुड़े होने की बात सामने आई है।
पुलिस के अनुसार, यह मामला ओखला औद्योगिक क्षेत्र थाने में एनडीपीएस अधिनियम के तहत दर्ज एफआईआर संख्या 225/2026 से जुड़ा है। शुरुआत में पुलिस स्थानीय स्तर पर नशीले पदार्थों की बिक्री करने वालों की जांच कर रही थी।
जांच के दौरान पुलिस को कथित तस्करी नेटवर्क में शामिल बिचौलियों, आपूर्तिकर्ताओं और बड़े स्तर पर नशीले पदार्थों का भंडारण करने वालों के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद कार्रवाई का दायरा बढ़ाया गया और मामले में आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे और उनकी निशानदेही पर 1.383 किलोग्राम स्मैक बरामद करने की जानकारी दी है।
इस मामले में पुलिस ने तस्करी से अर्जित कथित अवैध कमाई पर आर्थिक कार्रवाई भी की है। दक्षिण-पूर्वी जिला पुलिस के मुताबिक, 3.72 करोड़ रुपये की रकम फ्रीज कराने के आदेश हासिल किए गए हैं।
पुलिस ने दावा किया है कि सक्षम प्राधिकरण की स्थापना के बाद से उत्तर भारत में यह अपनी तरह की सबसे बड़ी कार्रवाई है। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि के लिए अलग से आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि कथित तस्करी नेटवर्क की गतिविधियां दिल्ली तक सीमित नहीं थीं। मामले की कड़ियां हरियाणा के फरीदाबाद तक पहुंचीं, जहां नेटवर्क के संचालन से जुड़े लोगों की भूमिका सामने आने की बात कही गई है।
पुलिस अब इस बात की पड़ताल कर रही है कि नशीले पदार्थों की आपूर्ति कहां से होती थी, इस कारोबार में और कौन लोग शामिल हैं तथा अवैध कमाई का इस्तेमाल किन वित्तीय गतिविधियों में किया गया।
नशीले पदार्थों की तस्करी के मामलों में गिरफ्तारी और बरामदगी के साथ अवैध कमाई पर कार्रवाई भी अहम मानी जाती है। दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई में कथित तौर पर अर्जित रकम को फ्रीज कराने पर विशेष जोर दिया गया है।
फिलहाल मामले की जांच जारी है। पुलिस की आगे की जांच से तस्करी नेटवर्क के अन्य सदस्यों, आपूर्ति व्यवस्था और वित्तीय लेनदेन से संबंधित अतिरिक्त जानकारियां सामने आ सकती हैं।
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